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पीटीएस में 12 मरीज सभी की फरमाइश अलग
उज्जैन। कोरोना पीडि़त वे मरीज जिनके घरों में आयसोलेशन के लिए जगह नहीं है, उन्हे पीटीएस में रखा जा रहा है। ऐसे 12 मरीज इस समय उपचाररत हैं। इन मरीजों की फरमाइशों को पूरा करने में अधिकारी स्वयं को असहाय महसूस कर रहे हैं।
हालात यह है कि कतिपय मरीजों ने ठण्ड को आधार बनाकर कह दिया कि उन्हे न तो पीने का गरम पानी मिल रहा है और न ही नहाने के लिए। चंूकि शासन स्तर पर कोई बजट इस समय नहीं आया है। ऐसे में पीटीएस के नोडल अधिकारी जोकि महिला बाल विकास विभाग के मुखिया है, उन्होने अपनी जेब से बिजली की रॉड खरीदकर दी, ताकि मरीज नहाने ओर पीने का पानी गर्म कर सके।
चर्चा करने पर गौतम अधिकारी ने बताया कि कोरोना मरीजों के लिए तय प्रोटोकाल के तहत नाश्ता, भोजन, चाय आदि भिजवाया जा रहा है। चूंकि प्रोटोकाल के तहत जो शासन के नियम है, उस अनुसार भोजन, नाश्ता और समय पर चाय जा रही है। बावजूद इसके कतिपय मरीजों की मांगे अब शिकायत में बदलने लगी है। इस बात की जानकारी उन्होने कलेक्टर को भी दी है।
जिले में स्कूली बच्चों का वैक्सीनेशन 80% पूरा
उज्जैन। जिले में 15 से 18 वर्ष के कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों का वैक्सीनेशन चल रहा है। शासन ने जिले के टीकाकरण विभाग को जो आंकड़े दिए थे,वे करीब 1 लाख 30 हजार थे। इसके अलावा शालात्यागी और स्कूल नहीं जानेवाले बच्चे अलग थे। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. केसी परमार के अनुसार जिले में दिए गए लक्ष अनुसार 80 प्रतिशत वैक्सीनेशन का काम पूरा हो गया है। स्कूली बच्चों में अब गांवों में निवास करनेवालों की संख्या अधिक है। सोमवार से इसी पर जोर दिया जाएगा।